बॉलीवुड के चुनिन्दा और बहुप्रशंसित कलाकार अक्षय खन्ना आज फिल्मों में अपनी मजबूर और गहरी भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं. खासकर हाल ही में रिलीज़ हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर में उन्होंने ‘रहमान डकैत’ के किरदार से दर्शकों के दिलों में एक अलग ही जगह बना ली है। इसके साथ ही, उनकी उम्र और सिंगल-लाइफ को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं — खासकर ये कि उन्होंने अब तक शादी क्यों नहीं की।
एक्टर के पेशेवर करियर की नई बुलंदियाँ
अक्षय खन्ना की बात करें तो बॉलीवुड में उनके करियर का ग्राफ उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। ‘धुरंधर’ जैसी बड़ी फिल्म में दमदार भूमिका निभाने के बाद एक बार फिर से उन्हें क्रिटिक्स और दर्शकों से जबरदस्त सराहना मिल रही है। इस उम्र में भी उनकी फिटनेस, एक्टिंग और स्क्रीन प्रेज़ेंस चर्चा का विषय बनी हुई है।
लेकिन, जब बात उनके पर्सनल लाइफ की आती है, तो फैन्स के मन में हमेशा यह सवाल रहता है — इतने प्रतिभाशाली और लोकप्रिय इंसान ने शादी क्यों नहीं की? खासकर जब वे 50 की आयु पार कर चुके हैं।
शादी न करने का व्यक्तिगत फैसला
अक्षय ने खुद इसके पीछे की वजहें कई मौकों पर साझा की हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शादी वह ऐसा कदम नहीं हैं जो वे केवल वालों के लिए उठाना चाहते हैं — खासकर सिर्फ सामाजिक दबाव या परंपरा की वजह से नहीं।
उन्होंने कहा कि शादी एक बड़ा निर्णय होता है जिसमें आपको “सही साथी” ढूँढने की आवश्यकता होती है, और केवल शादी करने के लिए शादी करना गलत है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अगर वह कभी भी इस कदम की ओर बढ़ते हैं, तो वह सिर्फ इसलिए नहीं कि समाज या परिवार ऐसा चाहता है, बल्कि इसलिए कि यह स्वयं उनके दिल का फैसला हो।
“मैं शादी के लिए material नहीं” — क्या मतलब है इसका?
सबसे जिक्रयोग्य बात वह है जब अक्षय ने खुद कहा:
“मैं खुद को शादी के लिए material नहीं मानता। मैं उस जिंदगी के लिए नहीं बना… marriage सिर्फ एक commitment नहीं, बल्कि उसका पूरा लाइफस्टाइल बदल जाता है।”
यह बात उनके निजी स्वभाव और प्राथमिकताओं को उजागर करती है। अक्षय ने बताया कि समय के साथ उन्होंने यह महसूस किया कि वह अपनी आज़ादी और व्यक्तिगत नियंत्रण को बहुत गंभीरता से लेते हैं। वे खुद को ऐसे जीवन के लिए तैयार नहीं पाते, जिसमें उन्हें अपनी सारी रोज़मर्रा की जिम्मेदारियाँ साझा करनी हों।
इसके अलावा, पिछले इंटरव्यूज़ में भी अक्षय ने यह स्वीकार किया है कि वह “कमिटमेंट-फोबिक” हो गए हैं — यानी लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों या शादी-जैसी प्रतिबद्धताओं के बारे में सोचते हुए उन्हें डर लगता है। उन्होंने खुद कहा है कि पहले यह सोच उनमें उतनी मजबूती से नहीं थी, लेकिन समय के साथ उन्होंने रिश्तों के प्रति एक सतर्कता विकसित कर ली है।
स्वतंत्रता और आत्म-खुशी: उनकी अपनी प्राथमिकताएँ
अक्षय के इन बयानियों से यह स्पष्ट होता है कि उनके निर्णय का मूल कारण आत्म-अनुभव, व्यक्तिगत प्राथमिकता और जीवनशैली के बारे में उनकी सोच है — न कि किसी विशेष व्यक्ति के प्रति अनदेखी या संकोच। वे अपने काम, अपनी आज़ादी और स्वयं की खुशी को प्राथमिकता देते हैं।
यह भी दिलचस्प है कि उनका यह नजरिया आज के कई आधुनिक पेशेवरों के विचारों से मेल खाता है, जहां व्यक्तिगत आज़ादी और आत्म-निर्णय को जीवन का एक अहम हिस्सा माना जाता है — शादी को अनिवार्य नहीं. ये विचार आज बदलते सामाजिक संदर्भों और नए-नए जीवनशैली के विकल्पों को भी दिखाता है।
कुल मिलाकर
अक्षय खन्ना की शादी न करने की कहानी सिर्फ एक सेलिब्रिटी की निजी पसंद नहीं है, बल्कि यह आज के समय में लोगों के व्यक्तिगत जीवन विकल्प, सामाजिक परंपराओं के प्रति सोच और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन की एक बड़ी तस्वीर को भी सामने लाती है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि शादी किसी बंधन से ज्यादा, जीवन का साझा सफ़र है — और वह फिलहाल उस तरह की ज़िंदगी को अपनाने के लिए तैयार नहीं हैं।
फैन्स चाहे उनकी ग्लैमरस फिल्मी भूमिकाओं में उन्हें याद रखें, या उनके व्यक्तिगत जीवन के प्रति ईमानदार सोच को सराहें, अक्षय खन्ना की यह सोच निश्चित रूप से बॉलीवुड में एक अलग और बेबाक़ दृष्टिकोण का उदाहरण है।
Source: विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और इंटरव्यूज़ पर आधारित
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